बस्ती में तीसरे चरण के शिक्षक समायोजन में अनियमितताओं को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ ने डीएम और बीएसए को ज्ञापन सौंपा। बीएलओ ड्यूटी व गैर-शैक्षणिक कार्यों का भी विरोध।
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📰 बस्ती शिक्षक समाचार: समायोजन प्रक्रिया पर उठे सवाल
बस्ती जनपद में तीसरे चरण के शिक्षक समायोजन को लेकर शिक्षकों में भारी नाराज़गी देखने को मिली। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव के नेतृत्व में शिक्षकों ने मंगलवार को जिलाधिकारी (DM) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को ज्ञापन सौंपकर कई गंभीर आरोप लगाए।
⚠️ समायोजन में अनियमितताओं का आरोप
शिक्षकों का कहना है कि
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प्रथम और द्वितीय चरण में समायोजित विद्यालयों से ही दोबारा शिक्षकों को हटाया गया
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उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तीन अध्यापक अनिवार्य होने के बावजूद शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया
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एकल, बंद एवं आवश्यकता वाले विद्यालयों को समायोजन सूची में शामिल नहीं किया गया
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शिक्षकों से विकल्प लिए बिना मनमाने ढंग से स्कूल आवंटन किया गया
संघ ने मांग की कि इन सभी अनियमितताओं को दूर कर समायोजन प्रक्रिया दोबारा कराई जाए।
🚫 बीएलओ और गैर-शैक्षणिक कार्यों का विरोध
जिला उपाध्यक्ष रवीश कुमार मिश्र ने कहा कि
“उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद शिक्षकों से बीएलओ सहित अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य लिए जा रहे हैं, जो उनके सम्मान के खिलाफ है।”
शिक्षकों ने मांग की कि शिक्षण कार्य के अलावा दिए गए सभी आदेशों को तत्काल वापस लिया जाए।
🐄 छुट्टा मवेशियों की रखवाली का आदेश वापस लेने की मांग
शिक्षक नेताओं हरेंद्र यादव और सनद पटेल ने आवारा मवेशियों और कुत्तों को पकड़ने जैसे आदेशों को पूरी तरह अनुचित बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की।
📋 वरिष्ठता सूची में सभी शिक्षकों को शामिल करने की मांग
संघ नेताओं अशोक यादव और सुरेश गौड़ ने कहा कि जनपद में कार्यरत सभी शिक्षकों को वरिष्ठता सूची में शामिल किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी के साथ अन्याय न हो।
👥 ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल रहे
अशोक विजय यादव, रामस्वरूप, लक्ष्मण लाल, उमाशंकर, विजय, विनय सिंह, अनुराग श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, प्रदीप गुप्ता, वशिष्ठ शुक्ला, वेद उपाध्याय, अनीस समेत बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
🔍 निष्कर्ष
बस्ती में शिक्षक समायोजन को लेकर उठे सवाल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो शिक्षक आंदोलन और तेज़ हो सकता है।