उत्तर प्रदेश में 2011 से 2017 तक बेसिक शिक्षा परिषद् में हुई सभी शिक्षक भर्तियाँ: सुप्रीम कोर्ट के परिदृश्य में:- एक विश्लेषण

*उत्तर प्रदेश में 2011 से 2017 तक बेसिक शिक्षा परिषद् में हुई सभी शिक्षक भर्तियाँ,* सुप्रीम कोर्ट के परिदृश्य में:-*एक विश्लेषण*
ब स पा की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी के शाशन काल 2011 से आरम्भ 72825 बी एड प्राइमरी अध्यापकों भर्ती की प्रक्रिया आरम्भ हुए अब लगभग ६ वर्ष हो चुके हैं मामला अब भी माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है. मुख्य विवाद भर्ती प्रक्रिया में चयन सूची का निर्धारण सर्विस नियम १४ के अंतर्गत होने वाली प्रक्रिया में हैं, जो कि मुख्यतः दो संशोधनों ( 12वा और 15वा जिसके अंतर्गत चयन सूची का निर्धारण क्रमशा टेट अंको के प्राप्तांक के आधार पर और अकादमिक अंको के आधार पर संशोधित हैं). 72825 प्राइमरी टीचर्स जो कि माननीय उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश के अंतर्गत  टेट प्राप्तांको ( 12 वा शंशोधन में ) अंतरिम राहत के तौर पर नियुक्ति पाए हुए हैं इनके अतिरिक्त 29,334 गणित/विज्ञान जूनियर शिक्षक भर्ती माननीय उच्च न्यायालय Allahabad के विभिन्न आदेशों के अंतर्गत, इसके साथ  प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न उर्दू भर्ती, अलग- बी टी सी भर्तियाँ मिलाकर लगभग 1,00,000  शिक्षकों कि भर्तियाँ अकादमिक अंको के आधार ( 15वा शंशोधन में) नियुक्ति पाए हैं,
                      लेकिन प्रदेश में कुछ असफल आवेदकों और बेनामी धन अर्जित करने वालों को इस मुद्दे में बेरोजगारों से धन कमाने की असीमित संभावनाएं दिखी और प्रदेश के अचयनित बेरोजगारों को भ्रमित करते हुए टेट मोर्चा का गठन किया और उन साथियों को भ्रमित करते हुए उनको सुनहरे भविष्य का सपना दिखाया और आर्थिक शोषण करते हुए इन सभी भर्तियों को माननीय सुप्रीम कोर्ट की अंतिम दहलीज़ पर ला दिया. इनके साथ ही प्रदेश की सपा सरकार द्वारा एक विशेष नियत के अंतर्गत प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 1,50,000 शिक्षा मित्रों को दूरस्थ बी टी सी कराते हुए उन्हें सहायक अध्यापक पद पर समायोजित कर दिया जिसमे इन सभी शिक्षा मित्रों द्वारा टेट का उत्तीर्ण न होना सबसे अहम् बिंदु समझते हुए Allahabad उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली वाली पूर्ण पीठ ने दिनांक 12 सितम्बर 2015 को इनके समायोजन को अवैध मानते हुए इस प्रकार के समायोजन को निरस्त कर कर दिया परिणामस्वरूप राज्य सरकार और कई शिक्षा मित्र अध्यापक संगठनो ने  उच्चतम न्यायालय में अपील दाखिल किया इस तरह माननीय सुप्रीम कोर्ट में शिक्षकों की प्रदेश में हुई ६ साल में लगभग 3.25 लाख भर्तियाँ विवादित हैं और इनका परिणाम वर्तमान में न्यायमूर्ति आदर्श गोयल जी और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता जी कि बेंच में आगामी २६ अप्रैल में संभावित हैं है. उपरोक्त शिक्षक भर्तियों को उनके impugned order के आधार पर मुख्यतः 3 केटेगरी में विभाजित किया जा सकता है
1. 72825 टेट के द्वारा अंतरिम राहत पाए हुए बी एड धारको की प्राइमरी में नियुक्ति (12 वें संशोधन के अंतर्गत टेट प्राप्तांक के आधार पर)
.
2. 29,334 गणित/विज्ञान जूनियर अध्यापक समेत लगभग 1,00,000 शिक्षको कि अकादमिक आधार पर नियुक्ति ( 15 वें शंशोधन के अंतर्गत अकादमिक अंको के आधार पर ).
3. लगभग 1,50,000 शिक्षा मित्र सहायक अध्यापक पद पर प्राइमरी स्कूल में समायोजित ( बिना टेट पास किये समायोजन )
   *  उपरोक्त शिक्षक भर्तियों के निर्णय में प्रभाव छोड़ने वाले कारक
उपरोक्त भर्तियों में सभी अध्यापकों का भविष्य माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय पर करेगा. आइये भूतकाल से लेकर वर्तमान और भविष्य की परिस्थितयों को देखते हुए सभी भर्तियों के अलग अलग कमज़ोर और मजबूत पहलुओं के साथ साथ अन्य सामान्य बिन्दुओं पर प्रकाश डालें जो इन भर्तियों के परिणाम में निर्णायक और प्रभावशाली हो सकते हैं.
1. चूँकि 72825 प्राइमरी शिक्षकों कि अंतरिम नियुक्ति माननीय न्यायमूर्ति श्री दीपक मिश्र जी के अंतरिम आदेश पर बी एड धारको को दिलाई गयी गयी जो कि प्रदेश सरकार के द्वारा दाखिल सिविल अपील संख्या 4347-4375/2014 के अंतिम परिणाम पर निर्भर करेगी अतः इस भर्ती का परिणाम पूरी तरह अनिश्चित और पूरी तरह खुला है साथ ही नयी बेंच के द्वारा इस केस का सुना जाना भी इस केस के संभावित परिणाम के बारे में अधिक अनिश्चितता उत्पन्न करता है.
2. लगभग 1,00,000 अकादमिक भर्तियाँ चूँकि जिस संशोधन के आधार पर हुई है वो रूल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण भर्तियों का परिणाम पूरी तरह खुला  हैं.
3. लगभग 1,50,000 शिक्षा मित्र सहायक अध्यापक समायोजन कई बिन्दुओं मसलन शिक्षा मित्रों द्वारा टेट का क्वालीफाई न होना, उनके प्रक्षिशण की  वैधता का अनिश्चित होना इत्यादि के कारण इनका भी परिणाम पूरी तरह अनिश्चित और खुला है.
4. चूँकि माननीय न्यायमूर्ति श्री आदर्श कुमार गोयल जी केसेस के expidite disposal के लिए जाने जाते है और पिछले कुछ दिनों के रिकॉर्ड के अधर पर यह साबित भी होता है इसलिए ऐसे में केस का परिणाम आना तो निश्चित है परिणाम क्या होगा ये पूरी तरह अनिश्चित है.
5. पिछले कुछ समय में माननीय उच्चतम न्यायालय में अन्य कुछ कैसो में  आये हुए  फैसलों का अवलोकन करने पर यह प्रतीत होता है कि केसों के तथ्य और नियमों और पारंपरिक व्याख्याओं के अतिरिक्त भी माननीय न्यायालय और judges ने न्याय रूप में अपने विवेक का अधिक से अधिक उपयोग किया है ऐसे स्थिति में परिणाम संभावित होने की बजाय कुछ भी अप्रत्याशित हो सकता है जिसके लिए हम सभी अध्यापक साथियों को मानसिक दृढ़ता के साथ उसे स्वीकारने औरउसका सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए.
6. तथ्यों के आधार पर उपरोक्त सभी भर्तियों में 29,334 गणित/विज्ञानं भर्ती निश्चित रूप से एक अपवाद है क्योंकि ये भर्ती एकमात्र ऐसी भर्ती है जो पूरी तरह बी. एड. अभ्यर्थियों के लिए है और इस भर्ती कि पूरी प्रक्रिया माननीय उच्च न्यायालय Allahabad के आदेशानुसार हुई है साथ ही इस भर्ती में अभ्यर्थियों का चयन विवाद किसी भी अन्य भर्ती के अभ्यर्थियों के बहिष्करण से उत्पन्न नहीं होता है और न ही इस भर्ती के पुष्टि होने से किन्ही अन्य अभ्यर्थियों का हित प्रभावित होगा. ऐसा पूरी तरह न्यायोचित है और नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के अनुपालन में है.                सभी शिक्षकों की नियुक्ति का परिणाम पूरी तरह खुला है वर्तमान बेंच में केस चलने पर बहुत ही जल्द निष्कर्ष निकलने की संभावना प्रबल हो गयी है, सबसे अधिक विशेष ये होगा कि अब अधिकतर शिक्षक नेताओं कि 2011 से आरम्भ हुई नेतागिरी की चमक ख़त्म हो जाएगी, चमक फीकी होनी पहले ही शुरू हो चुकी है जिसकी झलक सुप्रीम कोर्ट में आने वाली प्रत्येक तारीख की पूर्वसंध्या पर मिल जाती है जब मिल बैठते हैं ये सब अलग अलग रंग के कुर्ते वाले शिक्षक नेता और उसके बाद शुरू होने वाली वाद विवाद कि सीमा उनके कुर्ते की क्रीज़ हटने और सिलाई टूटने पर ख़त्म होती है. बहरहाल जल्दी ही इनके कुर्ता पैजामा पर ब्रेक लग जायेगा. उक्त परिस्थितियों में मेरी ईश्वर से करबद्ध प्रार्थना है कि परिणाम जो भी आये सभी मेरे शिक्षक साथियों के लिए न्यायपूर्ण हो, उचित हो और हम सभी कि उसमे भलाई निहित हो.प्रदेश में कोई भी शिक्षक साथी आपस में द्वेष भावना का त्याग करें तथा आपस शिक्षक साथियों में समरसता और मित्रता का उदहारण दें.
*®मिशन सुप्रीम कोर्ट & संघ टीम*
sponsored links:
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines

No comments :

Post a Comment

Big Breaking

Breaking News This week