लखनऊ, 30 अगस्त :भाषा :इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश
में सहायक शिक्षकों के 68 हजार 500 पदों पर भर्ती मामले में चयन प्रकिया
प्रारम्भ हेने के बाद अहर्ता अंक कम करने का कारण न बता पाने पर प्रमुख
सचिव, बेसिक शिक्षा एवं सरकारी वकील से नाखुशी ज़ाहिर करते हुए इन चयन को
अपने संज्ञान में ले लिया है।
अदालत ने प्रमुख सचिव प्रभात कुमार के उस जवाब पर हैरानी जताई है
जिसमें उन्होंने अदालत के समक्ष उपस्थित होकर कहा कि उन्हें जानकारी नहीं
है कि सहायक शिक्षक भर्ती मामले में अहर्ता अंक को कम किए जाने का निर्णय
क्यों लिया गया।
अदालत ने अपने आदेश में एकल जज के उस आदेश में दखल देने से
इंकार कर दिया जिसमें उन्होंने सरकार द्वारा अहर्ता अंक कम करने वाले 21 मई
2018 के शासनादेश पर रोक लगा दी थी। अदालत ने सरकार को अपना जवाब पेश करने
का मौका दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति शबीहुल हसनैन और जस्टिस राजन रॉय की
पीठ ने अविनाश कुमार व अन्य समेत कई अपीलों पर एक साथ सुनवाई करते हुए
दिया। सहायक शिक्षकों के 68 हजार 500 पदों पर भर्ती मामले में 21 मई 2018
के शासनादेश के द्वारा राज्य सरकार ने अहर्ता अंक को कम कर दिया था। राज्य
सरकार के उक्त शासनादेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। 24 जुलाई को
जस्टिस इरशाद अली की बेंच ने उक्त शासनादेश पर रोक लगा दी थी।
एकल पीठ के उक्त आदेश के विरुद्ध अपीलें दाखिल की गई हैं।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- यूपीपीएससी पीसीएस 2025: 28 सेवाओं के 814 पदों पर भर्ती, आबकारी निरीक्षक के सर्वाधिक 123 पद
- Income Tax:आयकर हेतु मकान किराया रसीद का प्रारूप, क्लिक कर करें डाउनलोड
- बेसिक शिक्षा विभाग में मृतक आश्रितों के लिए सिर्फ चतुर्थ श्रेणी की नौकरी
- शिक्षामित्र स्थानांतरण 2026: आवेदन प्रक्रिया, अंतिम तिथि, नियम और नई गाइडलाइन
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
Govt Jobs : Opening
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें