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तीसरी बार रोकी शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग, परीक्षा संस्था को भी देना पड़ रहा इम्तिहान

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों के लिए 69000 सहायक अध्यापक भर्ती की ही काउंसिलिंग ऐन वक्त पर नहीं रोकी गई है, बल्कि परिषद की दो और भर्तियां इसी तरह से हाईकोर्ट के
हस्तक्षेप पर प्रभावित हो चुकी हैं। इसके पहले परिषदीय स्कूलों में 15000 शिक्षक भर्ती का शासनादेश नौ दिसंबर 2014 को जारी हुआ था, इसके बाद परिषद ने तीन बार आवेदन लिये। चौथी बार कोर्ट के आदेश पर आवेदन लिए गए और एक फरवरी 2016 से काउंसिलिंग कराकर पांच फरवरी को नियुक्ति पत्र वितरित करना था।

दो दिन पहले हाईकोर्ट के आदेश पर काउंसिलिंग स्थगित कर दी गई। इसी तरह 12460 शिक्षक भर्ती के लिए 20 दिसंबर 2016 को परिषद सचिव ने चयन की गाइडलाइन जारी की। उस समय बीटीसी 2012 व 2013 के अभ्यर्थियों के क्वालिटी प्वाइंट मार्क्‍स की गणना अलग-अलग की जा रही थी। कोर्ट ने याचिका पर क्वालिटी प्वाइंट तय होने तक काउंसिलिंग रोक दी।

परीक्षा संस्था को भी देना पड़ रहा इम्तिहान
 प्रयागराज : एक दौर ऐसा भी रहा जब कई पीसीएस परीक्षाएं दागदार हुईं तो प्रतियोगियों ने गिनाया, परीक्षा के पांच चरण, प्री, मेंस, इंटरव्यू, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट। इन दिनों कुछ ऐसा ही फलसफा 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा का है। केंद्र व राज्य की टीईटी, भर्ती की लिखित परीक्षा और जिला आवंटन होने के तीन चरण पूरे हो चुके हैं और अब हाईकोर्ट में प्रश्नों का विवाद फंसा है। कटऑफ का प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसकी जुलाई में सुनवाई होनी है।

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