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बीएसए बोले, शर्म करो सरकारी से ज्यादा भरोसेमंद निजी शिक्षक,बैठक में शिक्षकों को दी नसीहत

 सरवनखेड़ा। बीआरसी परिसर में मंगलवार को बीएसए ने शिक्षकों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि बेहद शर्म की बात है कि निजी स्कूलों में मामूली वेतन पर काम करने वाले शिक्षकों पर अभिभावकों का विश्वास कायम है। जबकि सरकारी शिक्षक इसमें सफल नहीं हैं। उन्हें कड़ी मेहनत की जरूरत है। 



बैठक के दौरान बीएसए सुनील दत्त ने कहा कि सबसे पहले शिक्षकों को स्कूल पहुंचने का समय सुधारना होगा। वह सिर्फ नौकरी समझ कर शिक्षण कार्य न करें। यह याद रखें कि बच्चों के भविष्य का सवाल है। कहा कि 80 फीसदी शिक्षक सवालों का सही जवाब नहीं दे पाते हैं, जबकि शिक्षामित्र को जानकारी रहती है! गांव का मजदूर भी बच्चे को परिषदीय विद्यालय में नहीं पढ़ाना चाहता है। इस पर शिक्षक गंभीरता से बिचार करें। जिस दिन कांबेंट स्कूल के बच्चे को परिषदीय विद्यालय का बच्चा पीछे कर देगा उस दिन अभिभावक दाखिले के लिए लाइन लगाएंगे। शिक्षकों को जिम्मेदारी का बोध कराते हुए कहा कि वह राष्ट्र निर्माता हैं। डायट प्राचार्य सच्चिदानंद यादव ने गीतों के माध्यम से शिक्षकों को उनके कर्तव्यों का बोध कराया। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार सिंह, शैलेश त्रिपाठी, अतुल तिवारी, रामकृपाल सिंह, विनोद शर्मा, देबेंद्र सिंह, बुद्धदेव बाजपेयी, संजय  के अलाबा ब्लाक के सभी 216 शिक्षक मौजूद रहे।

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