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बीईओ और शिक्षा विभाग की लापरवाही पर भुगते शिक्षामित्र

लखीमपुर: बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षामित्रों के मानदेय को लेकर दो अनुभागों के अधिकारियों में ठन गई है। बीएसए ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सर्व शिक्षा अभियान से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों का वेतन रोक दिया।


सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले भर में करीब 3500 शिक्षामित्र तैनात हैं। शिक्षामित्रों को अक्टूबर और नवंबर माह का मानदेय अभी तक नहीं दिया गया है। इसे लेकर शिक्षामित्र संगठन के जिलाध्यक्ष राकेश ¨सह की अगुवाई में प्रतिनिधि मंडल ने बीएसए बुद्धप्रिय ¨सह ने मुलाकात कर अपनी समस्याओं को सामने रखा था। शिक्षामित्रों की मांग थी कि उन्हें जल्द मानदेय दिलाया जाए। शिक्षामित्रों की मांग पर बीएसए ने पूरे मामले की पड़ताल कराई तो उन्हें पता चला कि सर्व शिक्षा अभियान के वित्त एवं लेखा विभाग की लापरवाही के कारण शिक्षामित्रों का मानदेय लटका है। जिसके बाद शनिवार को बीएसए ने सर्व शिक्षा अभियान के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का वेतन रोक दिया। सर्व शिक्षा अभियान में कुल 10 अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं। इधर बीएसए की इस कार्रवाई की जानकारी से सर्व शिक्षा अभियान के वित्त एवं लेखाधिकारी पृथ्वीराज ¨सह ने बताया कि शिक्षामित्रों के दोनों माह का मानदेय रिलीज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों का मानदेय खंड शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही से रूक जाता है। उनके मुताबिक शिक्षामित्रों का मानदेय उनकी उपस्थिति पर बनाया जाता है। उपस्थिति की रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारियों को देना होता है। हर बार खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थिति रिपोर्ट देने में देरी करते हैं। कई बार पत्र भेजना पड़ता है। इसलिए मानदेय भेजने में देरी होती है।
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