नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने आज कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अपनी मंजूरी की मुहर लगा दी। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। अविवाहित पोती को संपत्ति में अधिकार, उद्योंगों के लिए लीज पर किसानों की जमीन, सीलिंग प्रक्रिया का सरलीकरण, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (शिक्षक) सेवा
नियमावली 1981 में संशोधन, प्राइमरी टीचर्स के गैर जिलों में ट्रांसफर समेत कई प्रस्तावों पर मंजूरी की मुहर लगा दी है। अब दूसरे राज्यों से शिक्षक भर्ती दौड़ में शामिल हो सकेंगे।पैतृक संपत्ति में हक से वंचित अविवाहित महिलाओं के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। निकट भविष्य में किसी मूल खातेदार किसान की मृत्यु होने पर उसके मृत पुत्र की अविवाहित पुत्री (अविवाहित पोती) को भी पैतृक संपत्ति में हिस्सा मिल सकेगा। इसके लिए योगी सरकार विधानमंडल के बजट सत्र में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2018 पेश करेगी।
राज्य सरकार खेती की जमीन को कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए लंबी अवधि के लिए लीज (पट्टे) पर देने की व्यवस्था करेगी। इसके लिए भी राजस्व संहिता में संशोधन किया जाएगा। उद्योगों की स्थापना में आड़े आ रही जमीन की किल्लत को देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है। अभी सिर्फ निशक्त व्यक्तियों और कुछ खास श्रेणी के लोगों को विशेष परिस्थितियों को एक बार में अधिकतम तीन वर्ष के लिए जमीन लीज पर देने की छूट दी गई है।
प्रदेश में औद्योगिक परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार 12.5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन को उद्योगों की स्थापना के लिए खरीदने और ऐसी जमीनों का भू-उपयोग परिवर्तन करने की प्रक्रिया को सरल बनाने जा रही है। उप्र राजस्व संहिता में व्यवस्था है कि शासन की अनुमति से ही 12.5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि खरीदी जा सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में एक और बड़ा फैसला हुआ है। अब दूसरे राज्यों से डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) या राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा समय-समय पर जारी की गईं अधिसूचनाओं में प्राथमिक शिक्षकों के लिए मान्य न्यूनतम शैक्षिक योग्यता को हासिल करने वाले अभ्यर्थी भी प्रदेश में परिषदीय प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में शामिल हो सकेंगे। इससे परिषदीय शिक्षकों के चयन में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। सरकार ने प्रदेश के किसी जिले से बीटीसी (अब डीएलएड) करने वाले अभ्यर्थी को उसी जिले में शिक्षक की नियुक्ति में प्राथमिकता देने की अनिवार्यता को भी समाप्त करने का फैसला किया है।
योगी सरकार ने किसानों की फसलों को कीट से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए कीट एवं रोग नियंत्रण योजना के तहत उन्हें अनुदान देने का फैसला किया है।
प्रदेश में खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने खादी एवं ग्रामोद्योग विकास एवं सतत् स्वरोजगार प्रोत्साहन नीति पर भी मुहर लगा दी है। यह नीति अधिसूचना जारी होने की तारीख से पांच साल के लिए लागू होगी। इस नीति के तहत प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पांच साल में एक लाख लोगों को खादी व ग्रामोद्योग क्षेत्र में रोजगार मुहैया कराने की मंशा है।
बुंदेलखंड और पूर्वांचल में ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने और इसके जरिये स्वरोजगार सृजित करने के मकसद से योगी सरकार ने पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना शुरू करने का फैसला किया है।
सरकार ने सेवानिवृत्त सैन्य पेंशनरों के राज्य सरकार के सिविल पदों पर पुनर्योजन पर पेंशन की राशि को 4000 से बढ़ाकर 15000 रुपये बढ़ा दी है। सरकार ने यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा पहली मई 2017 को सातवें वेतनमान के तहत किये गए निर्णय के क्रम में किया है।
जीएसटी लागू होने के बाद अप्रासंगिक हो चुके मनोरंजन कर विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों का वाणिज्य कर विभाग में विलय करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि मनोरंजन कर विभाग में कुल स्वीकृत पद 654 थे, जिसमें मौजूदा समय में 377 पदों पर अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं।
कैबिनेट ने परिषदीय स्कूलों के बच्चों को सरकार की ओर से दिये जा रहे स्वेटर की वितरण योजना को भी कार्येत्तर स्वीकृति दे दी है। चालू शैक्षिक सत्र में छह जनवरी से स्वेटर बांटे जा रहे हैं। कुल 1.54 करोड़ बच्चों को स्वेटर बांटे जाने हैं जिसमें से 98 लाख बच्चों को अब तक स्वेटर बांटे जा चुके हैं। स्वेटर वितरण के लिए अनुपूरक बजट में 390 करोड़ रुपये आवंटित किये गए थे।
sponsored links:
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- UPTET Yachi List : 72,825 याची लिस्ट देखने और डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी का विरोध
- आचार्य और अनुदेशकों को कराई जाएगी बीटीसी, शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग से मांगी सूची
Govt Jobs : Opening
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें