जागरण संवाददाता, मैनपुरी: परिषदीय विद्यालयों की हकीकत जानने के लिए
बुधवार को जिलाधिकारी प्रदीप कुमार और बीएसए विजय प्रताप ¨सह ने परिषदीय
विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान विद्यालयों में कदम-कदम पर
खामियां मिलीं। जिलाधिकारी ने विद्यालय में दूध वितरण न कराने पर एक शिक्षक
को निलंबित करने के साथ ही अन्य लापरवाह शिक्षकों का वेतन रोका है।
बुधवार को सबसे पहले जिलाधिकारी व बीएसए विकास खंड मैनपुरी के प्राथमिक
विद्यालय श्यामपुर पहुंचे, जहां सवा दो बजे ताला लटका हुआ था। इस पर
विद्यालय के प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश, शिक्षामित्र लवलीलता और बृजबाला का
वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकारण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं
प्राथमिक विद्यालय देवपुर में निरीक्षण के दौरान एमडीएम में तहरी बनी थी,
जबकि एमडीएम पंजिका पर दूध का वितरण दर्शाया गया था। बच्चों से जब
जिलाधिकारी ने दूध वितरण के बारे में पूछा तो उन्होंने साफ इन्कार कर दिया।
इस गड़बड़ी के लिए प्रधानाध्यापक विजय ¨सह को बीएसए ने निलंबित कर दिया।
उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला भंत भी दोपहर 2.20 बजे बंद था। यहां तैनात
प्रधानाध्यापक विशुन कुमारी सक्सेना, सहायक अध्यापक मुजम्मिल रहमान, सविता,
शशि, अनुदेशक धीरेंद्र और भावना अनुपस्थित थे। वहीं प्राथमिक विद्यालय
परिसर में भी ताला लटका हुआ था। जिसके लिए दोनों विद्यालयों के स्टाफ का
वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकारण मांगा गया है। बीएसए विजय प्रताप ¨सह ने
बताया कि शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए परिषदीय विद्यालयों का औचक
निरीक्षण जारी रहेगा। जो भी शिक्षक लापरवाही बरतेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई
की जाएगी।
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