सरकार अब स्कूलों में अप्रैल तक किताबें छापकर पहुंचा देगी। इसके लिए
शैक्षिक सत्र 2018-19 में कक्षा एक से आठ तक की राष्ट्रीयकृत पाठ्य
पुस्तकों के प्रकाशन के लिए नियमों में छूट देने का निर्णय हुआ है। इसके
लिए नियमों में तीन बदलाव किए गए हैं।
इसमें वॉटरमार्क कागज की बाध्यता
समाप्त कर दी गई है। इससे किताबों की कीमत 20% कम हो जाएगी। 100 टन
प्रतिदिन कागज उत्पादन की बाध्यता को भी कम करके 50 टन कर दिया गया है।
पहले किताबों के प्रकाशन में 2% धरोहर राशि ली जाती थी, जिसे अब 1% कर दिया
गया है। इससे प्रकाशकों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अगले साल के लिए
टेंडर जारी किया जा चुका है। सीएम योगी ने इस बाबत कोई लापरवाही न होने के
निर्देश भी दिए है।
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