इलाहाबाद : उप्र लोक सेवा आयोग अफसरों से सीबीआइ टीम की चर्चा से पीसीएस
2015 के चयनितों की शुक्रवार को पूछताछ नहीं हो सकी। जो अधिकारी कैंप
कार्यालय पहुंचे उन्हें बाद में फिर से बुलाया जाएगा। वहीं, जो अभ्यर्थी
कैंप कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे उनसे भी अलग कक्ष में शिकायतें
ली गई हैं, उन्हें आश्वस्त किया गया कि जरूरत पड़ने पर सूचना देकर बुलाया
जाएगा।
1जांच अफसरों के सामने आ रहे नित नए मामले : योगी सरकार के निर्देश
पर सीबीआइ आयोग की पांच साल की भर्तियों की जांच में जुटी है। जांच अफसरों
के सामने नित नए मामले आ रहे हैं। कुछ दिन पहले गवाह बने कर्मचारियों और
विभिन्न परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों ने मॉडरेशन पर गंभीर सवाल खड़े
किए थे। कहा गया था कि इस प्रक्रिया के जरिए अंक देने में मनमानी की गई,
मॉडरेटर ने इसके जरिए चहेतों को अधिक व अन्य को कम अंक बांटे हैं।
अफसर व कर्मी कैंप कार्यालय में जानकारी देंगे : आयोग के अनु सचिव व मीडिया
प्रभारी सुरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि सीबीआइ टीम अब तक आयोग में आकर
कार्यप्रणाली की जानकारी लेती रही है लेकिन, इससे कामकाज पर असर पड़ रहा
था। ऐसे में यह तय हुआ कि यहां के अधिकारी व कर्मचारी खुद कैंप कार्यालय
जानकारी मुहैया कराएंगे। उसी के तहत अफसर वहां गए हैं। यह किसी तरह का
इंट्रोगेशन नहीं बल्कि कार्य प्रणाली को सीबीआइ से साझा किया गया है।
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