Advertisement

Govt Jobs : Opening

आर्थिक तंगी बना शिक्षामित्र की मौत का कारण

कुशीनगर- प्रदेश के शिक्षामित्रों की स्थिति दिन प्रतिदिन बदहाल होती जा रही है।कोई आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहा है तो कोई बीमारी के इलाज के अभाव मे मौत के मुँह मे समा रहा है।इन सबके पीछे एक ही मूल कारण है, आर्थिक तंगी।समायोजन निरस्त होने से जहां एक ओर शिक्षामित्र आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं वहीं दूसरी ओर विभाग की ढुलमुल नीति इनको मरने पर मजबूर कर रही है।

इसी आर्थिक तंगी ने आज हाटा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर पर कार्यरत शिक्षामित्र देवी यादव को अपना निवाला बनाया।बता दें देवी यादव द्वितीय बैच मे समायोजित होकर सहायक अध्यापक बनीं थी किन्तु 25 जुलाई 2017 को समायोजन निरस्त होने के बाद अवसाद मे रहने लगीं और बीमार हो गई ।काफी दिनों से बीमार रहने और पैसे के अभाव मे ठीक प्रकार से इलाज न हो पाने के कारण आज मौत के मुँह मे समा गईं।मासूम बच्चों के सिर से माँ के आँचल की छाँव हमेशा के लिए छिन गई। किन्तु एक प्रश्न सबके मन को झकझोर रहा है- क्या शिक्षामित्र के रूप मे जिन्होंने अपना सर्वस्व विभाग और समाज सेवा मे गवां दिया वो यूं ही तिल तिल मरते रहेंगे ?
– कुशीनगर से जटाशंकर प्रजापति की रिपोर्ट

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news