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सचिव को ज्ञापन, यूपी बोर्ड के रिजल्ट जांच की मांग: मॉडरेशन में अंक लुटाने से मेधावी परीक्षार्थियों का नुकसान

इलाहाबाद :  यूपी बोर्ड का मुख्यालय व पांचों क्षेत्रीय कार्यालय शुक्रवार को खुलते ही हाईस्कूल व इंटर रिजल्ट का प्रकरण सतह पर आ गया। राजनीतिक दलों व शिक्षक संगठनों ने प्रशासन के अफसरों व बोर्ड सचिव को संबोधित ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
1कांग्रेस नेता मुकुंद तिवारी, शिक्षक नेता डा. शैलेश पांडेय, अटेवा संगठन के डा. हरि प्रकाश यादव का कहना है कि रिजल्ट में मॉडरेशन के नाम पर जिस तरह से सभी परीक्षार्थियों को अंक लुटाए गए हैं, उससे मेधावी परीक्षार्थियों का नुकसान हुआ है। असल में बोर्ड के गोपनीय एवार्ड ब्लैंक ओएमआर शीट सार्वजनिक होने से बवाल मचा है, जिसमें इकाई में अंक पाने वाले परीक्षार्थियों को अंक पत्र में अच्छे अंक मिले हैं। 1यही नहीं परीक्षा में इस बार जिस तरह से सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हुए उससे रिजल्ट इतना अधिक आने की उम्मीद किसी को नहीं थी। ज्ञापन देने पहुंचे नेताओं ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी संस्था से लाखों लोगों की उम्मीदें रहती हैं कि यहां सब निष्पक्ष व पारदर्शी होगा लेकिन, इस बार के परिणाम ने सबको निराश किया है। आखिर क्या जरूरत थी कि दो-चार अंक पाने वालों को भी उत्तीर्ण का अंक पत्र थमा दिया गया। सवाल किया कि जब यही करना था कि तो परीक्षा कराने की जरूरत क्या थी। सबको यूं ही प्रमाणपत्र बांट देते। अपर सचिव डा. प्रदीप सिंह ने सभी को आश्वस्त किया कि उनकी मांग से शासन को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रिजल्ट पूरी तरह से तय मानकों पर ही आधारित है, इसमें पक्षपात या फिर किसी को फेल-पास नहीं किया गया है।

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