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एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती: 7.63 लाख अभ्यर्थियों संग यूपीपीएससी का खिलवाड़, बिना अर्हता/पात्रता की जांच के परीक्षा में बैठने की अनुमति

इलाहाबाद : योगी सरकार ने अच्छे शिक्षकों के चयन के लिए नियमों में अहम बदलाव किए हैं। प्रदेश में पहली बार राजकीय कालेजों के लिए 10768 एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2018 में लिखित परीक्षा कराई जा रही है।
पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां कराने को साक्षात्कार भी नहीं होगा। भर्ती कराने का जिम्मा उप्र लोकसेवा आयोग को मिला। इसके बाद भी यूपी पीएससी गंभीर नहीं है। तैयारियों में ही तमाम खामियां सामने आ गई हैं। 1एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए सात लाख 63 हजार 317 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। यूपी पीएससी ने परीक्षा कराने की हड़बड़ी में आवेदकों की अर्हता या पात्रता की जांच तक नहीं की है, बल्कि सभी को इम्तिहान में बैठने का मौका इस शर्त के साथ दिया जा रहा है कि यदि बाद में अर्हता सही न मिली तो अभ्यर्थन निरस्त हो जाएगा। सभी परीक्षार्थियों को औपबंधिक प्रवेश दिया जा रहा है। ताज्जुब यह है कि यूपी बोर्ड जैसी संस्था ने हाईस्कूल व इंटर में लाखों परीक्षार्थी होने के बाद भी प्रवेशपत्र तब जारी किए, जब सभी के अभिलेख जांचे गए। ऐसे ही परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने शिक्षक पात्रता परीक्षा और 68500 शिक्षक भर्ती 2018 में भी अभिलेखों की छानबीन करने के बाद ही प्रवेशपत्र निर्गत किए।

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