लखनऊ (जेएनएन)। योगी सरकार प्राथमिक स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षामित्रों
पर मेहरबान है। जिले के सुदूर स्कूलों में तैनात शिक्षामित्रों को सरकार
अब मूल विद्यालयों में भेजेगी। इसका लाभ एक लाख से अधिक शिक्षामित्रों को
मिलेगा। सीएम के निर्णय लेने के बाद गुरुवार को ही शासनादेश जारी होने के
संकेत हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. प्रभात कुमार ने
बताया कि फेरबदल की प्रक्रिया 15 दिनों में सुनिश्चित की जाएगी। मूल
विद्यालय में शिक्षामित्र की वापसी होने पर यदि उस स्कूल का छात्र-शिक्षक
अनुपात गड़बड़ाया तो नियमित शिक्षक को दूसरे स्कूल में भेजा जाएगा।
शिक्षामित्र पहली तैनाती वाले स्कूल में ही रहेंगे।
परिषद के प्राथमिक स्कूलों में तैनात एक लाख 37 हजार शिक्षामित्रों का
सहायक अध्यापक पद पर समायोजन 25 जुलाई, 2017 को रद हो गया था। शीर्ष कोर्ट
के आदेश के बाद सरकार ने एक अगस्त, 2017 को बीएसए को निर्देश दिया कि वह
समायोजित शिक्षकों को अब शिक्षामित्र के रूप में नियुक्त करे। साथ ही
शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर दस हजार रुपये किया गया। उस समय
शिक्षामित्रों की मांग थी कि वह जिस स्कूल में कार्यरत हैं, वहीं रहने दिया
जाए। तब उन्हें मूल विद्यालय नहीं भेजा गया। शिक्षामित्रों ने इधर मूल
विद्यालय में तैनाती की मांग शुरू की। इसमें मानदेय कम होने व आने-जाने में
समस्या होने का हवाला दिया गया।
20 जून को शासन को भेजा था प्रस्ताव
अपने जिले के ही सुदूर प्राथमिक स्कूलों में तीन से चार वर्ष से तैनात
शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय भेजने का प्रस्ताव 20 जून, 2018 को शिक्षा
निदेशक बेसिक ने शासन को भेजा। इसमें कहा गया था कि शिक्षामित्रों को
विकल्प लेकर मूल स्कूलों में भेजने का निर्णय शासन करे। बुधवार को
मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों को मूल स्कूल भेजने का निर्णय लिया है। डॉ.
कुमार ने बताया कि इस संबंध में गुरुवार को शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। महिला शिक्षामित्रों को कई विकल्प
पुरुष शिक्षामित्र जहां मूल विद्यालय में ही वापस लौटेंगे, वहीं महिला
शिक्षामित्र यदि विवाहित है तो वह ससुराल वाले गांव, पति के कार्य करने
वाले गांव के स्कूल में जा सकती है। अविवाहित होने पर उसकी मूल स्कूल में
वापसी संभव होगी। ज्ञात हो कि इसके पहले सहायक अध्यापक पद पर समायोजन होने
पर भी महिला शिक्षामित्रों से विकल्प लिया गया था। ऐसे में यदि वह दूसरे
स्कूल में न जाना चाहें तो यह निर्णय भी ले सकती है।
कई जिलों में लौट चुके शिक्षामित्र
प्रदेश में सुलतानपुर, फैजाबाद, महोबा व प्रतापगढ़ आदि ऐसे जिले हैं,
जहां पहले ही बेसिक शिक्षा अधिकारी या फिर जिलाधिकारी के निर्देश पर
शिक्षामित्रों को पहले ही मूल स्कूलों में वापस भेजा जा चुका है।
पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारना होगा
आदर्श वेलफेयर शिक्षामित्र एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र शाही व
दूरस्थ बीटीसी संघ के अनिल कुमार ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय पर खुशी जताई
व धन्यवाद दिया है। उन्होंने साथियों से कहा है कि अब वह स्कूलों में
छात्र संख्या बढ़ाने व पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने में जुट जाएं।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- TET छूट बिल | क्या है वायरल खबर की सच्चाई?
- ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
- शिक्षामित्र स्थानांतरण 2026: आवेदन प्रक्रिया, अंतिम तिथि, नियम और नई गाइडलाइन
- *UPSSSC द्वारा PET 2025 से अब तक जारी विज्ञापनों की सूची।*✅
- 📰 TET अनिवार्यता पर बड़ी पहल: राज्यसभा सांसद ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र
Govt Jobs : Opening
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें