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शिक्षामित्र उपस्थिति की प्रतिदिन शासन जाएगी रिपोर्ट

 जागरण संवाददाता, बांदा: समायोजन निरस्त होने के आदेश के बाद से ज्यादातर शिक्षामित्र विद्यालय नहीं जा रहे हैं। इसकी वजह से पठन-पाठन की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है।
जनपद मात्र में शिक्षामित्रों के विद्यालय न जाने पर 845 विद्यालय एकल व 334 विद्यालयों में ताले लटक गए हैं। अक्टूबर माह 2017 में अ‌र्द्ध वार्षिक परीक्षा कराया जाना प्रस्तावित है। ऐसे में सरकार व विभाग दोनो ही परेशान हैं। उपनिदेशक बेसिक गणेश कुमार ने सभी बेसिक शिक्षाधिकारियों को भेजे गए आदेश में कहा है कि शिक्षामित्रों के आंदोलन व स्कूल न जाने से पठन-पाठन की स्थिति बेहद खराब होती जा रही है। ऐसे में स्कूल जाने व न जाने वाले शिक्षामित्रों की उपस्थिति की रोजाना रिपोर्ट शासन भेजी जाए। निर्देश दिए हैं कि जो विद्यालय शिक्षामित्रों की अनुपस्थित से बंद चल रहे उनमें विकल्प के तौर पर अन्य शिक्षकों को लगाया जाए। ताकि
पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से चल सके। बेसिक शिक्षाधिकारी वीरेंद्र प्रताप का कहना है कि शिक्षामित्रों की अनुपस्थिति से जो विद्यालय प्रभावित हुए हैं उनमें अन्य शिक्षकों को लगा दिया गया है। शिक्षामित्रों की उपस्थिति की प्रतिदिन शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। जिले में अभी भी 60 फीसद शिक्षामित्र विद्यालय नहीं जा रहे हैं।
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