लखनऊ (जेएनएन)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लखनऊ में कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली में 22वीं संशोधन को मंजूरी मिली है।
लोकभवन में सम्पन्न कैबिनेट बैठक में इसके साथ ही चिकित्सा तथा अन्य महकमे के कई प्रस्ताव पर मुहर लगी।डॉक्टरों को दो वर्ष का बांड अनिवार्य किया गया है।
योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में एक प्रस्ताव को और मिली मंजूरी मिली है। इसके तहत अब राजकीय चिकित्सा सेवा के तहत आने वाले चिकित्सकों को दो वर्ष का बांड अनिवार्य किया गया है। अब इसके तहत एमबीबीएस और एमएस के साथ अन्य कोर्स करने छात्रों को अब दो वर्ष ग्रामीण क्षेत्रो में बिताना अनिवार्य होगा। इनको सीएचसी तथा पीएचसी में अपनी सेवा अनिवार्य रूप से देनी होगी।
इसके साथ कैबिनेट ने फैक्ट्री एक्ट में बदलाव को मंजूरी दी। इसके तहत अंतर्राज्यीय कर्मकार अधिनियम संशोधन पर मुहर लगी है।
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