इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झांसी के ब्लॉक संसाधन केंद्र के सभी
सह समन्वयकों को नवीनीकरण पर डीएम का निर्णय होने तक कार्य करने देने का
निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने प्रदीप कुमार
यादव 27 अन्य सह समन्वयकों की याचिका पर दिया है।
दो फरवरी 2011 के शासनादेश के तहत तीन साल की सेवा के संतोषजनक पाए जाने की
स्थिति में अगले तीन साल के लिए नवीनीकरण की व्यवस्था दी गई है। छह साल
बाद ही नए सिरे से चयन की छूट दी गयी है। जबकि, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
झांसी ने तीन साल की अवधि पूरा होते ही सभी सह समन्वयकों को हटाकर
कार्यमुक्त करने का आदेश दिया है और नए सिरे से चयन शुरू करने को कहा है।
बीएसए के इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।1याचीगण का कहना था कि
उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए की गई। कार्य संतोषजनक होने के कारण तीन साल
के लिए नवीनीकरण के हकदार हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी सह
समन्वयकों को हटा दिया और नए सिरे से चयन का आदेश दिया है। सरकारी वकील का
कहना था कि याचियों की सेवा कायम करने के संबंध में जिलाधिकारी ही सक्षम
अधिकारी हैं। उनकी ओर से निर्णय लिया जाता है। कोर्ट ने कहा कि याचियों की
सेवा के संतोषजनक होने पर विचार नहीं किया गया। ऐसे में अधिकारियों को नए
सिरे से चयन का अधिकार नहीं है। क्योंकि तीन साल की अवधि ही पूरी हुई है।
कोर्ट ने कहा कि जिलाधिकारी की ओर से निर्णय लिए जाने का याचियों को कार्य
करने दिया जाए।
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