लखनऊ (राज्य ब्यूरो) । चुनावी साल में प्रदेश सरकार ने राज्य के 21 लाख से अधिक कर्मचारियों व पेंशनरों को खुश रखने की राह चुनी है। सरकार ने सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियां लागू करने को हरी झंडी दे दी है।
प्रारूप तय करने के लिए घोषित समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने का अधिकार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सौंपा गया है। चुनाव से पहले इन सिफारिशों पर अमल के लिए समिति से छह माह में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सातवें केंद्रीय वेतन आयोग का लाभ विभिन्न वर्गों के कार्मिकों को देने पर सहमति जतायी गयी और इसका प्रारूप तय करने के लिए एक कमेटी के गठन का फैसला किया गया। कैबिनेट ने नियोजन व कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिवों को सदस्य और वित्त वेतन आयोग के सचिव को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है, हालांकि कैबिनेट ने इस समिति का अध्यक्ष नामित करने का अधिकार मुख्यमंत्री को सौंपा है।
आवास भत्ता बढऩे की उम्मीद लगा रहे कर्मचारियों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा। वित्त विभाग ने कैबिनेट में एचआरए बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं रखा। बताया गया कि इस प्रस्ताव में 20 फीसद तक आवास भत्ता बढ़ाया जाना था। सूत्रों का कहना है कि समूह ख और समूह ग के कार्मिकों के भत्ते में कुछ खामियां थी, जिसे सुधार कर वित्त विभाग अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव को पेश कर सकता है।
पहले साल 26,573 करोड़ खर्च
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें माने जाने पर पहले साल 26,573 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च आने की उम्मीद है। इसके बाद हर साल 22778 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होगा। अभी वेतन, भत्तों व पेंशन पर वार्षिक 95000 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। प्रदेश सरकार ने इस खर्च के लिए बजट में ही तैयारी कर ली थी। पिछले साल के बजट में तीन फीसद वृद्धि कर अनुमानित व्यय का आगणन किया गया था। अन्य भत्तों को यथावत मान महंगाई भत्ता में दस फीसद वृद्धि कर आगणन हुआ था। पेंशन मद में छह फीसद वृद्धि कर पिछले वित्तीय वर्ष को आधार बनाया गया था।
प्रदेश सरकार द्वारा कराए गए आंकलन में राज्य कर्मचारियों का औसत वेतन 25 फीसद के आसपास बढऩे की उम्मीद है। इसीलिए खर्च का आंकलन करते समय वेतन मद व महंगाई भत्ते के योग का 25 फीसद अतिरिक्त व्ययभार माना गया, क्योंकि पुनरीक्षित वेतनमानों में एक जनवरी 2006 का महंगाई भत्ता मूल वेतन में जोड़ दिया जाएगा। यह मानते हुए कि अन्य भत्ता कम से कम दोगुना हो जाएगा, अतिरिक्त व्ययभार वर्तमान व्ययभार के बराबर मान लिया गया। पेंशन के मद में 25 फीसद अतिरिक्त व्ययभार जोड़ा गया। वेतन मद में राज्य सहायता से अलग-अलग प्राविधान न होने के कारण अन्य भत्ते दोगुने होने की उम्मीद में कुल अनुमानित व्ययभार का 30 फीसद अतिरिक्त व्ययभार माना गया। एक जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें माने जाने के चलते वित्तीय वर्ष 2016-17 में 14 माह का अतिरिक्त व्ययभार वहन करना होगा, इसी आधार पर आगणन किया गया।
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
प्रारूप तय करने के लिए घोषित समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने का अधिकार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सौंपा गया है। चुनाव से पहले इन सिफारिशों पर अमल के लिए समिति से छह माह में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सातवें केंद्रीय वेतन आयोग का लाभ विभिन्न वर्गों के कार्मिकों को देने पर सहमति जतायी गयी और इसका प्रारूप तय करने के लिए एक कमेटी के गठन का फैसला किया गया। कैबिनेट ने नियोजन व कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिवों को सदस्य और वित्त वेतन आयोग के सचिव को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है, हालांकि कैबिनेट ने इस समिति का अध्यक्ष नामित करने का अधिकार मुख्यमंत्री को सौंपा है।
- 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली महत्वपूर्ण सुनवाई में अपना पक्ष रखने हेतु पूर्णतः तैयार : टेट उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा
- Breaking News : उत्तर प्रदेश में कर्मचारियों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा, HRA 20 फीसदी बढ़ा
- Breaking from Social Media : 16 जुलाई 2016
- फीरोजाबाद के फर्जी शिक्षकों की भी बढ़ी धड़कनें
- वेतन समिति व एचआरए में बढ़ोत्तरी का फैसला 18 को,देखें इसके और कौन से प्रस्ताव होंने हैं पास ?
- 27 जुलाई की सुनवाई की बात हर जुबान पर, लेकिन हक़ीक़त क्या है?
- 16448 शिक्षक भर्ती में अब गलती सुधारने की बारी , काउंसलिंग अगस्त में
आवास भत्ता बढऩे की उम्मीद लगा रहे कर्मचारियों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा। वित्त विभाग ने कैबिनेट में एचआरए बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं रखा। बताया गया कि इस प्रस्ताव में 20 फीसद तक आवास भत्ता बढ़ाया जाना था। सूत्रों का कहना है कि समूह ख और समूह ग के कार्मिकों के भत्ते में कुछ खामियां थी, जिसे सुधार कर वित्त विभाग अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव को पेश कर सकता है।
पहले साल 26,573 करोड़ खर्च
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें माने जाने पर पहले साल 26,573 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च आने की उम्मीद है। इसके बाद हर साल 22778 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होगा। अभी वेतन, भत्तों व पेंशन पर वार्षिक 95000 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। प्रदेश सरकार ने इस खर्च के लिए बजट में ही तैयारी कर ली थी। पिछले साल के बजट में तीन फीसद वृद्धि कर अनुमानित व्यय का आगणन किया गया था। अन्य भत्तों को यथावत मान महंगाई भत्ता में दस फीसद वृद्धि कर आगणन हुआ था। पेंशन मद में छह फीसद वृद्धि कर पिछले वित्तीय वर्ष को आधार बनाया गया था।
- शिक्षक भर्ती के लिए देनी पड़ सकती है लिखित परीक्षा
- 27 जुलाई के केस के सम्बन्ध में हिमांशु राणा का जस्टिस दीपक मिश्रा जी को ब्यक्तिगत भेजा गया पत्र
- बेसिक शिक्षा परिषद की अध्यापक तैनाती नियमावली न बदलने से हो रही किरकिरी
- उच्च प्राथमिक टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को मौका देने का निर्देश
प्रदेश सरकार द्वारा कराए गए आंकलन में राज्य कर्मचारियों का औसत वेतन 25 फीसद के आसपास बढऩे की उम्मीद है। इसीलिए खर्च का आंकलन करते समय वेतन मद व महंगाई भत्ते के योग का 25 फीसद अतिरिक्त व्ययभार माना गया, क्योंकि पुनरीक्षित वेतनमानों में एक जनवरी 2006 का महंगाई भत्ता मूल वेतन में जोड़ दिया जाएगा। यह मानते हुए कि अन्य भत्ता कम से कम दोगुना हो जाएगा, अतिरिक्त व्ययभार वर्तमान व्ययभार के बराबर मान लिया गया। पेंशन के मद में 25 फीसद अतिरिक्त व्ययभार जोड़ा गया। वेतन मद में राज्य सहायता से अलग-अलग प्राविधान न होने के कारण अन्य भत्ते दोगुने होने की उम्मीद में कुल अनुमानित व्ययभार का 30 फीसद अतिरिक्त व्ययभार माना गया। एक जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें माने जाने के चलते वित्तीय वर्ष 2016-17 में 14 माह का अतिरिक्त व्ययभार वहन करना होगा, इसी आधार पर आगणन किया गया।
- ब्रेकिंग न्यूज! ओपिनियन के लिए मुझे प्राप्त धनराशि का हिसाब व बेओरा जनपद वार : गाजी इमाम आला
- TET पास अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया जाए : बलराम यादव
- असमायोजित शिक्षामित्रों का शोषण बर्दास्त नहीं
- सीएम अखिलेश ने यूपी की महिलाओं के लिए शुरू की ये योजना, शिक्षा विभाग की खोली पोल
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines
No comments :
Post a Comment