लखनऊ : प्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले के लिए बनाई गई
नई नीति को मंगलवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इसमें एक जनपद में तीन
वर्ष व एक मंडल में सात साल पूरे करने वाले समूह ‘क’ एवं ‘ख’ के स्थानांतरण
का प्रावधान किया गया है।
मंडलीय कार्यालयों व विभागाध्यक्ष कार्यालयों
में की गई तैनाती को अवधि को मंडल में निर्धारित सात वर्ष की अवधि में
शामिल नहीं माना जाएगा। यह नीति चार वर्षो अर्थात 2018-19 से लेकर 2021-22
तक के लिए प्रस्तावित की गई है। अखिलेश सरकार में जहां तबादलों की सीमा
अधिकतम दस प्रतिशत थी, वहीं भाजपा सरकार ने इसे बीस प्रतिशत कर दिया है।
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