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आज तक गिरफ्तार नहीं हो सके 31 फर्जी शिक्षक

मैनपुरी। वर्ष 2013 के बाद हुई शिक्षक भर्तियों की जांच फर्जी पाए गए 31 शिक्षकों को पुलिस आज तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करते हुए इनके विरुद्ध पूर्व बीएसए ने थाना कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
पूर्व बीएसए रामकरन यादव को फरवरी 2013 में हुई 29 हजार शिक्षक भर्ती में 293 में से आठ, अगस्त 2013 में हुई 111 शिक्षकों की भर्ती में 10, वर्ष 2014 में हुई 10 हजार शिक्षक भर्ती में 119 में 13 शिक्षक फर्जी मिले थे।
पूर्व बीएसए रामकरन यादव ने इन सभी शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करते हुए इनके विरुद्ध थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूर्व बीएसए की रिपोर्ट के बाद आज तक पुलिस इन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध इश्तेहार चस्पा कर चुकी है, लेकिन इसके बाद भी फर्जी शिक्षक समर्पण नहीं कर रहे हैं। पुलिस विभाग के अनुसार जिन पतों पर इन शिक्षकों को दर्शाया गया है उन पतों पर ये शिक्षक हैं ही नहीं।

मूल निवास भी लगाए हैं फर्जी
फर्जी शिक्षकों की तलाश कोतवाली पुलिस कर रही है, लेकिन उन्होंने अपनी नियुक्ति में जो पता दर्ज कराया है उस पते पर उनका पता नहीं चल पा रहा है। इससे लग रहा है कि फर्जी शिक्षकों ने शैक्षिक अभिलेखों के साथ ही मूल निवास का भी फर्जी प्रयोग किया। यही कारण है कि इन शिक्षकों को पुलिस आज तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

शासन के निर्देश पर तीन सदस्यीय दल वर्ष 2010 के बाद हुई शिक्षक भर्तियों की नियुक्ति की जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही कहा जा सकता है कि कितने शिक्षक और फर्जी हैं। पूर्व में 31 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए

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