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आगरा विवि के 2004-05 बीएड की फर्जी डिग्री की स्क्रीनिंग को कमेटी बनी

आगरा विश्वविद्यालय की 2004-05 सत्र की फर्जी बीएड डिग्री के आधार पर नौकरी पाने वाले परिषदीय शिक्षकों पर कार्रवाई के बाद अब माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी सख्ती शुरू कर दी है।



अपर निदेशक माध्यमिक डॉ. महेन्द्र देव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों से ऐसे शिक्षकों की सूचना मांगी थी जिन्होंने आगरा विवि के 2004-05 सत्र की बीएड डिग्री के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की है। इसी के साथ शिक्षा निदेशालय में कार्यरत दो अधिकारियों रामचेत और शिव सेवक सिंह की दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है जो ऐसे प्रकरणों की जांच करेंगे।

जानकारी के मुताबिक अब तक 60 जिलों से 150 से अधिक ऐसे शिक्षकों की जानकारी प्राप्त हो चुकी है। अन्य 15 जिलों से भी जानकारी मिलने के साथ ही जांच प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

जून अंत तक सभी प्रकरणों का निस्तारण होना है। अपर निदेशक माध्यमिक डॉ. महेन्द्र देव ने बताया कि दो सदस्यीय कमेटी प्रकरण की जांच कर रही है। एसटीएफ की ओर से उपलब्ध कराई गई फर्जी और टेम्पर्ड डिग्री से मिलान करते हुए आगे की कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि परिषदीय स्कूलों में फर्जी डिग्री के आधार पर नियुक्त एक हजार से अधिक शिक्षकों की सेवा समाप्त की जा चुकी है।

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