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शिक्षामित्रों ने रोकी ट्रेन,कई गिरफ्तार, पुलिस छावनी बना बीएसए कार्यालय

जागरण संवाददाता, बांदा: प्रदेश सरकार से आस लगाए शिक्षामित्रों को नाउम्मीदी ही हाथ लगी। शिक्षामित्रों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए गुरुवार को उग्र प्रदर्शन करते हुए रेल रोक दी।
करीब ढाई सैकड़ा से अधिक प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। जिन्हें बाद में पुलिस लाइन ले जाकर मुचलके पर रिहा किया गया।
शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षामित्र शहर के चार अलग-अलग स्थानों पर एकत्र हुए। संकट मोचन व क्योटरा चौराहे पर एकत्र शिक्षामित्र केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समय करीब 1.30 बजे क्योटरा रेलवे क्रा¨सग पहुंचे। जहां पर सभी शिक्षामित्र रेलवे ट्रक पर लेट गए। करीब 15 मिनट तक शिक्षामित्र रेलवे ट्रैक पर लेटे रहे। शिक्षामित्रों के कारण कानपुर-मानिकपुर पैसेंजर ट्रेन को करीब 10 मिनट आउटर पर ही रोकना पड़ा। सूचना पर पहुंची रेलवे व सिविल पुलिस ने शिक्षामित्रों को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने शिक्षामित्रों को हिरासत में ले लिया। शिक्षामित्रों को पुलिस वाहन से पुलिस लाइन ले जाया गया। जहां पर करीब ढाई सैकड़ा शिक्षामित्रों को मुचलके पर रिहा किया गया। शिक्षामित्रों का आरोप था कि संगठन की 25 जुलाई से अब तक मुख्यमंत्री से कई दौर की वार्ता हो चुकी है। लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। सरकार ने शिक्षामित्रों को दस हजार का मानदेय देने की जो घोषणा की है वह पूरी तरह गलत है। उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार को शिक्षामित्र विरोधी बताया है। इस मौके पर संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिनकर अवस्थी, मूलचंद्र सोनी, राधेश्याम यादव, महेंद्र विश्वकर्मा, फूल ¨सह, सुनील मिश्रा, सबल राज यादव, योगेश शुक्ला, निसार अहमद, अभयराज, दीपा शर्मा, गोमती देवी, अंकिता गुप्ता, सुशील कुमार, ललिता देवी, माया ¨सह, अंजू लता, विजय बहादुर आदि मौजूद रहे।

शिक्षामित्र नेता मूलचंद्र बेहोश, भर्ती

बांदा। प्रदर्शन के दौरान शिक्षामित्र संघर्ष समिति के नेता मूलचंद्र बेहोश हो गए। जिन्हें पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा एक प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। हालांकि उनकी हालत में सुधार है। इधर कई महिला शिक्षामित्र चक्कर आने पर छाया में लेट गईं।

पुलिस छावनी बना बीएसए कार्यालय

बांदा: शिक्षामित्रों के प्रदर्शन को देखते हुए सुबह से ही जिला प्रशासन खासा सतर्क था। जिलाधिकारी के निर्देश पर बीएसए कार्यालय में बड़ी संख्या में पुलिस बल लगाया गया था। जगह-जगह सूचना चस्पा की गई थी कि यहां प्रदर्शन करना प्रतिबन्धित है।

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