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उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों का व्यापक प्रदर्शन, घेराव, जाम और गिरफ्तारियां

लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों ने फिर से जबरदस्त आंदोलन छेड़ दिया है। नए सिरे से हो रहे इस आंदोलन के दूसरे दिन बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों जिले-जिले सड़कों पर नजर आए।
उन्होंने अपनी मांगों के
समर्थन में शिक्षा से जुड़े अधिकारियों का घेराव, सरकार विरोधी नारेबाजी, रोड जाम, रेल जाम, जुलूस और कई तरह के विरोध प्रदर्शन किए। साथ ही कैबिनेट प्रस्ताव की प्रतियों की होली जलाई। कई जिलों में प्रदर्शनकारी शिक्षामित्रों को गिरफ्तार किया गया।

बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां

कुशीनगर में रास्ता जाम करने जा रहे शिक्षा मित्र संघ के जिला अध्यक्ष अखिलेश चतुर्वेदी को कसया पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसकी जानकारी होते ही शिक्षामित्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी कर पुलिस हिरासत से अपने जिला अध्यक्ष को मुक्त करा लिया है। पुलिस चतुर्वेदी को जीप में बैठकर कही ले जा रही थी। बस्ती में ट्रेन रोकने जा रहे शिक्षामित्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्‍हें पुलिस लाइन में रखा गया है। कुछ महिला शिक्षामित्रों को बसों से ले जाया गया तो अधिकांश शिक्षामित्र पैदल ही पुलिस लाइंन पहुंचे। पुलिस धारा 151 में उनका चालान करने के बाद शाम को उन्हें रिहा करने की तैयारी कर रही है।

क्या है कैबिनेट का फैसला

उल्लेखनीय है कि कल उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की कैबिनेट ने शिक्षामित्रों को दस हजार मानदेय देने पर मुहर लगाई थी। फैसले से शिक्षक पद पर समायोजित 1.37 लाख शिक्षामित्र पहली अगस्त, 2017 से मूल पद पर वापस हो रहे हैं। शिक्षामित्रों को 11 माह मानदेय मिलना है। शिक्षामित्रों के समायोजन के बाद हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को रद कर दिया था। बीती 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगाते हुए उनके समायोजन को रद करने का निर्णय सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में राज्य सरकार समायोजित शिक्षामित्रों को मूल पद पर वापस करने के लिए नियमावली में संशोधन किया गया।

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