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69000 शिक्षक भर्ती मामले में योगी सरकार को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका सुनने से इनकार किया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती मामले राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। दरअसल, इलाहाबाद हाइकोर्ट की डबल बेंच के प्रश्रपत्रों को यूजीसी पैनल को न भेजने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार कर दिया है।

सहायक शिक्षकों की चल रही भर्ती जारी रहेगी। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने सरकार द्वारा आठ मई 2020 को घोषित परीक्षा परिणाम पर सवालिया निशान लगाते हुए कुछ प्रश्नों एवं उत्तर कुंजी पर भ्रम की स्थिति पाते हुए पूरी चयन प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। साथ ही प्रश्रपत्र को जांचने के लिए यूजीसी पैनल को भेजने के लिए कहा था।  24 जून को भी सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले से संबंधित कुछ याचिकाएं खारिज की थीं।
बीते महीने, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया रोकने के एकल पीठ के तीन जून के आदेश पर शुक्रवार को रोक लगा दी । उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पी के जायसवाल और न्यायमूर्ति डी के सिंह की खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार उच्चतम न्यायालय के नौ जून के आदेश को ध्यान में रखते हुये भर्ती प्रक्रिया जारी रखने के लिए स्वतंत्र है जिसके माध्यम से करीब 37 हजार पद शिक्षा मित्रों के लिए रखे गये हैं।
पीठ ने कहा, ‘‘राज्य सरकार 37,339 पदों के अलावा बाकी के सहायक शिक्षकों के पदों को भर सकती है। दूसरे शब्द में कहें तो सहायक शिक्षकों के 37,339 पदों को खाली रखना होगा। अन्य पद भरे जा सकते हैं।’’ इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने तीन जून को प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी थी।

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