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69000 में नवनियुक्त शिक्षकों का सत्यापन न होने से नहीं मिल रहा वेतन, चार माह बीते वेतन के पड़े लाले

 लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत परिषदीय विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों का वेतन सत्यापन न होने से फंस गया है। विभागीय लापरवाही के चलते नियुक्ति के चार महीने बाद भी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं हो सका है। ऐसे में विभाग शिक्षकों का वेतन जारी नहीं कर रहा। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर नवनियुक्त शिक्षकों को वेतन दिलाने की मांग की है।




जिलामंत्री वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पहले फंड न होने से सत्यापन प्रक्रिया रुकी हुई थी। क्योंकि प्रदेश के कई विश्वविद्यालय ऐसे हैं, जो प्रमाण पत्र सत्यापन के 500 रुपये वसूलते हैं। इसके लिए कोई मद न होने के चलते सत्यापन कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। अब महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद ने इसके लिए कंटीजेंसी मद से खर्च करने का आदेश दे दिया है।

उन्होंने बताया कि इसमें कई शिक्षा मित्र व अनुदेशक भी हैं, जो शिक्षक बने हैं इससे पहले उनको मानदेय मिलता था लेकिन शिक्षक बनने के बाद वेतन रुका हुआ है। उन्होंने बताया कि लखनऊ जिले में करीब 140 शिक्षकों को नियुक्ति दी गई है। उन्होंने मद में से बजट खर्च कर सत्यापन कार्य जल्द शुरू करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि कई ऐसे विश्वविद्यालय भी हैं जो अभी सत्यापन का शुल्क नहीं वसूल रहे हैं। वहां पर भी सत्यापन के लिए शिक्षकों के प्रमाण पत्र नहीं भेजे गए हैं।

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