इलाहाबाद : बीटीसी वर्ष 2015 चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा का पेपर आउट मामले
को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार एसआइटी जांच कराने की तैयारी में है।
बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव डा. प्रभात कुमार ने बताया कि पूरे मामले
में एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि जरूरत पड़ी तो पूरे
मामले की एसआइटी जांच भी कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी
कार्रवाई की जाएगी। पेपर आउट में जो भी अफसर व कर्मचारी शामिल हैं, वे सभी
बेनकाब होंगे और दंडित भी किए जाएंगे।
डीआइओएस ने मंझनपुर में दी तहरीर : चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा शुरू होने
से पहले रविवार को ही पेपर आउट होने की सूचना सोशल मीडिया पर आई। डीआइओएस
कौशांबी सत्येंद्र सिंह ने जिले के दो परीक्षा केंद्रों दुर्गा देवी इंटर
कालेज ओसा व करारी इंटर कालेज करारी में जाकर उसी समय जांच की और पाया कि
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय से मिले सभी प्रश्नपत्र सीलबंद लिफाफे
में हैं। लिफाफों से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है। सोमवार को
परीक्षा शुरू होने पर सोशल मीडिया के प्रश्नपत्र व मूल प्रश्नपत्र का मिलान
करने पर उसे सही पाया। जिस शख्स ने एक पेपर आउट होने की प्रकरण वायरल
किया, उसने ही परीक्षा के बाकी सात प्रश्नपत्र भी डीआइओएस को मुहैया कराए।
परीक्षा नियामक कार्यालय ने सभी प्रश्नपत्रों की जांच में पाया कि ये ही
पेपर परीक्षा के लिए भेजे गए हैं। डीआइओएस ने मंझनपुर थाने में अज्ञात व
सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र आउट करने की सूचना प्रसारित करने वाले के खिलाफ
नामजद तहरीर दी है। पुलिस एफआइआर दर्ज कर रही है।
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