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शिक्षकों के समायोजन का गणित बिगड़ा, समायोजन की सूची ठंडे बस्ते डाली

मुरादाबाद जिले में 1750 शिक्षामित्र बने चुके हैं सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र बने तो नहीं मिलेगा लाभ, बीएसए ने सूची रोकी तेज प्रकाश सैनी, मुरादाबाद
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से इन दिनों बेसिक शिक्षा परिषद में चल रहे शिक्षकों के समायोजन का गणित बिगड़ गया है। शासनादेश के तहत सरप्लस शिक्षकों का समायोजन कर दिया गया है। सिर्फ सूची जारी होना बाकी है। इसको फिलहाल रोक दिया गया है।
मुरादाबाद जिले में 1750 शिक्षामित्र सहायक अध्यापक बन चुके हैं। इनको अब समायोजन/ स्थानांतरण की प्रक्रिया से बाहर करना पड़ेगा। कारण, अब यह शिक्षामित्र हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर पूरे प्रदेश में चल रहे समायोजन व स्थानांतरण पर पड़ा है। शासनादेश के अनुसार बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी के सहायक, प्रधानाध्यापक व जूनियर के सहायक का समायोजन-स्थानांतरण होना है। अभी पहले समायोजन चल रहा था, जिससे अब बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी असमंजस में हैं। समायोजन की सूची ठंडे बस्ते में चली गई है। शासनादेश आने के बाद ही कोई आगे का कदम उठाया जाएगा।
समायोजन के लिए 23 तक की थी काउंसलिंग : बेसिक शिक्षा परिषद में सहायक अध्यापक हैं, उनमें अगर सरप्लस की स्थिति स्कूलों में होगी तो उन्हीं का समायोजन हो सकता है। बीएसए ने 21 से 23 जुलाई तक समायोजन के लिए काउंसलिंग की थी। जिसमें अधिकांश शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बनने वाले ही थे।
हो सकती है वेतन की रिकवरी भी: शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बनने के बाद अच्छा वेतन मिल रहा था। टीईटी और बीटीसी नहीं थे। कोर्ट के आदेश के बाद अब जब शिक्षा मित्र वापस होंगे तो फिर से वेतन ढाई हजार रुपये ही वेतन मिलेगा। यही नहीं 30 से 35 हजार रुपये वेतन पाने वाले इन सहायक अध्यापक पद पर रहते जो वेतन मिला। उसकी रिकवरी होने की भी आशंका है। शिक्षामित्रों में इसको लेकर मानसिक तनाव बढ़ गया है।
समायोजन की सूची जारी हो चुकी है। अब तमाम सहायक अध्यापक शिक्षा मित्र बन गए हैं, जिससे वह समायोजन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रहे। सूची जारी करें या न करें इसके लिए शासन को पत्र भेजकर राय लेंगे।
संजय सिंह, बीएसए

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