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आयोग के रिटायर्ड अफसरों, कर्मचारियों से पूछताछ

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई टीम ने बुधवार को आयोग के  रिटायर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की। टीम इनसे भर्तियों में हुई धांधली के अहम सुराग जुटा रही है। साथ ही पीसीएस-2015 के चयनित पांच अफसरों से भी अलग-अलग पूछताछ हुई।

सीबीआई टीम कड़ी से कड़ी जोड़कर भर्तियों में हुई धांधली की तह तक पहुंचने में जुटी है। हर उस व्यक्ति को राडार पर लिया जा रहा है, जिसका धांधली में हाथ में होने की गुंजाइश है। सूत्रों के मुताबिक अभी कई और रिटायर्ड अधिकारियों-कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इसके लिए इन सभी की कुंडली तैयार की जा रही है।

चयनित पीसीएस अफसरों और रिटायर्ड अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच संबंधों को भी खंगाला जा रहा है। सूत्रों की मानें तो जांच-पड़ताल के दौरान सीबीआई की टीम को कई अहम सुराग भी मिले हैं। उधर, सीबीआई टीम के कुछ सदस्य बुधवार को भी आयोग की कार्यशैली समझने में लगे रहे। इससे अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।

हर तीन वर्ष में नहीं बदले गए मॉडरेटर
यूपीपीएससी की भर्ती परीक्षाआें में धांधली की जांच कर रही सीबीआई टीम ने बुधवार को भी कई गड़बड़ियां पकड़ी हैं। जांच टीम ने पाया कि आयोग में प्रत्येक तीन वर्ष में मॉडरेटर बदलने की व्यवस्था को ताक पर रख दिया गया और कॉपी जांचने वाले शिक्षकों व विशेषज्ञों को रखने में नियमों की अनदेखी की गई। आयोग में मनमानी का आलम यह रहा कि जांच कार्यक्रमों में शिक्षकों के पैनल में कोई बदलाव ही नहीं किए गए। सीबीआई की जांच टीम ने शिक्षकों के एक ही पैनल को निरंतर कार्य करते पाया है। जांच टीम ने जब पूछा कि उक्त पैनल में बदलाव क्यों नहीं किया गया तो आयोग इसका जवाब नहीं दे सका।

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