इलाहाबाद : उप्र लोक सेवा आयोग से हुई भर्तियों की जांच में सीबीआइ किसी
ठोस कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है। प्राथमिक तौर पर पीसीएस 2015 भर्ती
परीक्षा में धांधली का पता लगा रहे जांच अधिकारियों ने चयनितों और आयोग के
अधिकारियों से एक साथ पूछताछ कर बड़ी खामी को पकड़ लिया है।
चयनितों के
नंबरों में मॉडरेशन का खेल भी सीबीआइ ने उजागर कर लिया है। ऐसे में संभावना
जताई जाने लगी है कि जल्द ही आयोग और चयनितों को भी इसका खामियाजा भुगतना
पड़ सकता है।1इलाहाबाद के गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय पर सीबीआइ ने
पीसीएस 2015 के चयनितों से तीन दिनों तक हुई पूछताछ के साथ ही आयोग में भी
मंगलवार और बुधवार को कई महत्वपूर्ण जानकारी संकलित की। जांच पड़ताल के इस
चरण में सीबीआइ ने आयोग की ओर से मॉडरेटर चयन में बड़ी खामी पकड़ ली है।
सूत्रों की मानें तो सीबीआइ को पता चला है कि मॉडरेटर, उत्तर पुस्तिका का
मूल्यांकन करने वाले शिक्षक और विशेषज्ञों के चयन में आयोग ने मनमानी की।
प्रत्येक तीन साल में इन मॉडरेटर और विशेषज्ञों में बदलाव होना चाहिए
लेकिन, आयोग ने एक ही व्यक्ति को लगातार एक ही विषय के लिए नियुक्त किया।
आयोग ने जांच कार्यक्रम में शिक्षकों के पैनल को भी नहीं बदला। सूत्रों के
अनुसार सीबीआइ को एक ही जांच पैनल से निरंतर काम करवाने की जानकारी मिली
है। आयोग में पूछताछ पर अधिकारी इस सवाल का जवाब नहीं दे सके। वहीं मॉडरेटर
के रूप में किसको नियुक्त किया गया सीबीआइ अपने सूत्रों से यह भी पता
लगाने के प्रयास में जुटी है। क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय की गाइड लाइन का
हवाला देते हुए आयोग ने सीबीआइ को मॉडरेटर के नाम नहीं बताए हैं। 1बुधवार
को कैंप कार्यालय पर सीबीआइ ने पांच पीसीएस चयनितों से भी पूछताछ की। जिनसे
धांधली के बावत कई महत्वपूर्ण सुराग मिल गए हैं। सीबीआइ अफसरों ने अचानक
खुद को रिजर्व कर लिया है। जिससे संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही किसी बड़ी
कार्रवाई को अंजाम देने की तैयारी है।
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