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मनमानी नियुक्तियों के मामले में विधायक समेत 61 तलब,अनामिका को नौकरी देने वाला विद्यालय भी जांच के दायरे में

गोंडा : अनामिका शुक्ला प्रकरण सामने आने के बाद अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियुक्ति सहित अन्य अनियमितताओं की जांच भी तेज हो गई है। जांच के लिए गठित विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) ने भाजपा विधायक सहित 61 लोगों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। इनको भर्ती से जुड़े आवश्यक अभिलेख जमा करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।



जिले में 28 एडेड स्कूल संचालित हैं। एसआइटी ने फरवरी में विद्यालयों में जाकर पड़ताल की थी। जिसमें कई अभिलेख नहीं मिले थे। अब प्रकरण में विवेकानंद लघु माध्यमिक विद्यालय कर्नलगंज के प्रबंधक व कटरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बावन सिंह के साथ ही 28 स्कूलों के प्रबंधक व प्रधानाचार्यों के साथ ही लिपिकों को बुलाया गया है। इसी में अनामिका शुक्ला को शिक्षक पद के लिए नियुक्ति पत्र जारी करने वाला भैया चंद्रभान दत्त स्मारक स्कूल भी शामिल है।

’>>अनामिका को नौकरी देने वाला विद्यालय भी जांच के दायरे में

जासं, गोंडा : खुद को असली अनामिका शुक्ला कहने वाली महिला को सहायता प्राप्त स्कूल में नौकरी देने का दावा किया गया। इस कारगुजारी से विभागीय अधिकारी भी हैरत में हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में नियुक्ति पर रोक है। उधर अनामिका ने जो मुकदमा कोतवाली नगर में दर्ज कराया है उसकी विवेचना शुरू हो गई है। सोमवार को बयान दर्ज किया जाएगा।

अनामिका की फाइल फोटो ’ जागरण

जेएनएन, लखनऊ : बेसिक शिक्षा विभाग के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अनामिका शुक्ला नाम से 25 शिक्षिकाओं की भर्ती के मामले में पुलिस ने धरपकड़ तेज कर दी है। साथ ही फर्जी दस्तावेजों पर भर्ती कराने वाले गिरोह के सरगना की तलाश में भी तेजी ला दी है। मामले में आंबेडकरनगर पुलिस ने रामनगर में अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी करने वाली अनीता को शनिवार को जेल भेज दिया है। अनीता को नौकरी दिलाने वाले मैनपुरी के पुष्पेंद्र को पुलिस तलाश कर रही है।

आरोपित अनीता ने बताया कि वह विधवा है। पुष्पेंद्र ने ही नकली कागजात तैयार किया और अनामिका के नाम पर नौकरी दिलाई। अनीता को प्रत्येक माह मिलने वाले 22 हजार रुपये मानदेय में से महज 10 हजार ही प्राप्त होते थे।

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