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अवकाश नियम | महिला शिक्षिकाओं को एबॉर्शन लीव का स्पष्ट प्रावधान

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महिला शिक्षिकाओं के लिए एबॉर्शन लीव (Abortion Leave) को लेकर नियमों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है। शासनादेश एवं मूल सेवा नियमों के अनुसार—

प्रत्येक अवसर पर 6 सप्ताह (42 दिन) का अवकाश देय

यदि किसी महिला शिक्षिका का गर्भपात (Abortion) या गर्भश्राव (Miscarriage) होता है, तो उन्हें प्रत्येक अवसर पर अधिकतम 6 सप्ताह (42 दिन) तक का अवकाश अनुमन्य है।


आवश्यक शर्त

  • अवकाश प्रार्थना पत्र के साथ प्राधिकृत चिकित्सक का प्रमाणपत्र संलग्न किया जाना अनिवार्य है।


तीन बार की सीमा समाप्त

पूर्व में गर्भपात/गर्भश्राव के मामलों में मातृत्व अवकाश को अधिकतम तीन अवसरों तक सीमित किया गया था, लेकिन—

➡️ शासन पत्रांक संख्या 4-84/दस-90-216-79 दिनांक 3 मई 1990 द्वारा जारी अधिसूचना से यह प्रतिबंध पूर्णतः समाप्त कर दिया गया है।

अर्थात अब गर्भपात/गर्भश्राव के मामलों में एबॉर्शन लीव पर कोई संख्या-सीमा लागू नहीं है, बशर्ते प्रत्येक अवसर पर चिकित्सकीय प्रमाण उपलब्ध हो।


कानूनी/नियामक आधार (Sources)

📌 मूल नियम (Fundamental Rule) – 101
📌 सहायक नियम – 153
📌 शासनादेश संख्या G-4-394-दस-216-79, दिनांक 4 जून 1990


निष्कर्ष

महिला शिक्षिकाओं को एबॉर्शन लीव के संबंध में भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है।
✔️ प्रत्येक गर्भपात/गर्भश्राव के प्रकरण में
✔️ 6 सप्ताह (42 दिन) का अवकाश
✔️ बिना किसी अधिकतम सीमा के
✔️ वैध चिकित्सकीय प्रमाण के साथ

पूरी तरह नियमसम्मत और अनुमन्य है।

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