लखनऊ। बच्चों को मोबाइल स्क्रीन से दूर कर रचनात्मक सोच और सामाजिक समझ से जोड़ने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा में एक नई पहल की जा रही है। अब बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या में अख़बार पढ़ना शामिल किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों में निर्धारित समय पर “अख़बार पठन” कराया जाएगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि समाचार पत्र केवल जानकारी का साधन नहीं, बल्कि बच्चों में तार्किक सोच, भाषा कौशल और समसामयिक समझ विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। इस व्यवस्था के तहत विद्यालयों की प्रार्थना सभा या कक्षा के प्रारंभ में विद्यार्थी देश-दुनिया की प्रमुख खबरें पढ़ेंगे और उन पर चर्चा करेंगे।
शिक्षा अधिकारियों के अनुसार, लगातार बढ़ता मोबाइल उपयोग बच्चों की पढ़ने की आदत को प्रभावित कर रहा है। अख़बार पठन से न केवल स्क्रीन टाइम घटेगा, बल्कि विद्यार्थियों में विश्लेषण करने, प्रश्न पूछने और अपनी राय रखने की क्षमता भी विकसित होगी।
इस पहल का दायरा केवल प्राथमिक स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए समसामयिक विषयों पर लेखन, समूह चर्चा और संवाद गतिविधियाँ भी कराई जाएँगी। इससे अभिव्यक्ति कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, भाषा समृद्धि और सामाजिक चेतना के विकास में सहायक सिद्ध होगा। कुल मिलाकर, अख़बार को कक्षा से जोड़ने की यह पहल बच्चों को जागरूक, विचारशील और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास मानी जा रही है।
