प्रयागराज।शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद उनके योगदान और समर्पण को पहचानने के लिए एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 90 स्थानांतरित शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों की भूमिका, प्रतिबद्धता और सकारात्मक बदलावों को उजागर करना था, साथ ही नए माहौल में कार्य करने के लिए उन्हें प्रेरित करना भी रहा।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अपर शिक्षा निदेशक (पत्राचार) उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त शिक्षा निदेशक (अर्थ) ने की। अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और शिक्षक समुदाय को अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि ने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और स्थानांतरण के बाद उनके सामने आने वाली चुनौतियों को अवसर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक नई परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य करके शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
संगठन के नेताओं ने आयोजन के दौरान एकता, संवाद और अनुशासन पर जोर दिया। शिक्षक संघ के प्रमुख ने कहा कि शिक्षक समुदाय सदैव सिखाने के साथ‑साथ समाज को भी सकारात्मक दिशा देने का कार्य करता है और ऐसे सम्मान समारोह शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने भी शिक्षकों से निष्ठा, अनुशासन और नवाचार के साथ पढ़ाई के कार्य को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। समारोह का संचालन संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष द्वारा किया गया, जबकि जिलाध्यक्ष ने उपस्थित शिक्षकों और अतिथियों का धन्यवाद किया।
यह सम्मान समारोह न केवल स्थानांतरित शिक्षकों की उपलब्धियों को मान्यता देता है, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक संवाद और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देता है।