लखनऊ। यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक सुधार करते हुए नेगेटिव मार्किंग को पूरी तरह समाप्त करने का फैसला किया है। अब गलत उत्तर देने पर उम्मीदवारों के अंक नहीं काटे जाएंगे।
इस फैसले से आगामी यूपी पुलिस भर्तियों में परीक्षा पैटर्न पहले की तुलना में अधिक अभ्यर्थी-अनुकूल और पारदर्शी हो जाएगा।
🔔 क्या है नया नियम?
नई व्यवस्था के अनुसार:
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✅ केवल सही उत्तरों पर ही अंक मिलेंगे
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❌ गलत उत्तर देने पर कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं
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❌ प्रश्न छोड़ने या अनुमान लगाने पर अंक कटने का डर नहीं
👉 इससे अभ्यर्थी बिना मानसिक दबाव के अधिक प्रश्न हल कर सकेंगे।
😟 पहले क्या समस्या थी?
अब तक लागू नेगेटिव मार्किंग के कारण:
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कई अभ्यर्थी
👉 सही उत्तर जानते हुए भी प्रश्न छोड़ देते थे -
अनुमान आधारित प्रश्नों में
👉 अंक कटने का डर बना रहता था -
समय प्रबंधन और आत्मविश्वास
👉 दोनों प्रभावित होते थे
परिणामस्वरूप कई उम्मीदवार अपनी वास्तविक क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाते थे।
🎯 नए सिस्टम से क्या फायदा होगा?
सरकार के अनुसार इस बदलाव से:
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✔️ अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा
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✔️ समय प्रबंधन बेहतर होगा
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✔️ सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स जैसे विषयों में
👉 अधिक प्रश्न हल करने का अवसर मिलेगा -
✔️ परीक्षा का माहौल
👉 कम तनावपूर्ण और अधिक निष्पक्ष बनेगा
📘 किस नियम के तहत हुआ बदलाव?
यह संशोधन किया गया है:
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उत्तर प्रदेश पुलिस एवं जेल सेवा नियमावली, 2025 के अंतर्गत
👉 जल्द ही यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा
आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी की जाएगी, जिसमें:
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नया परीक्षा पैटर्न
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अंक वितरण प्रणाली
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अन्य नियमों की विस्तृत जानकारी होगी
🧠 विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि:
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यह निर्णय
👉 भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाएगा -
अनुमान आधारित उत्तरों से
👉 वास्तविक ज्ञान का बेहतर आकलन हो सकेगा -
प्रतियोगिता का स्तर
👉 स्वस्थ और सकारात्मक होगा
📌 किन अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा फायदा?
इस बदलाव से विशेष लाभ मिलेगा:
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🔹 पहली बार परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को
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🔹 ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले उम्मीदवारों को
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🔹 GK / Current Affairs में मजबूत लेकिन गणना में कमजोर छात्रों को
🧾 निष्कर्ष
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा से नेगेटिव मार्किंग हटाना एक बड़ा और सकारात्मक सुधार माना जा रहा है। यह फैसला:
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अभ्यर्थियों का मनोबल बढ़ाएगा
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परीक्षा को अधिक निष्पक्ष बनाएगा
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और चयन प्रक्रिया में गुणवत्ता लाएगा
अब उम्मीदवार डर नहीं, तैयारी के दम पर परीक्षा दे सकेंगे।