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प्रयागराज: लंबित शिक्षक भर्तियों को लेकर अभ्यर्थियों का आयोग पर दबाव, नई भर्तियों की भी उठी मांग

 प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में लंबित शिक्षक भर्तियों और नई नियुक्तियों की मांग को लेकर प्रतियोगी अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के अध्यक्ष से मुलाकात की। नए साल में आयोग के दोबारा खुलते ही अभ्यर्थियों के विभिन्न गुट आयोग कार्यालय पहुंचे और अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्तियों में हो रही देरी से न केवल चयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बल्कि हजारों युवाओं का करियर भी अधर में लटका हुआ है।


🔔 असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती (विज्ञापन संख्या-51) पर आपत्ति

अभ्यर्थियों के एक गुट ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती (विज्ञापन संख्या-51) के तहत जारी लिखित परीक्षा परिणाम पर आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना है कि:

  • संशोधित उत्तरकुंजी जारी किए बिना परिणाम घोषित किया गया

  • इससे परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं

  • उत्तरकुंजी में संभावित त्रुटियों के कारण
    👉 कई योग्य अभ्यर्थी चयन से वंचित हो सकते हैं

अभ्यर्थियों ने मांग की कि:

पहले संशोधित उत्तरकुंजी जारी की जाए,
उसके बाद ही अंतिम परिणाम घोषित किया जाए।


⏳ साक्षात्कार कार्यक्रम शीघ्र घोषित करने की मांग

दूसरे गुट के अभ्यर्थियों ने:

  • लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के लिए इंटरव्यू शेड्यूल

  • और भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने

की मांग उठाई।

अभ्यर्थियों का कहना है कि:

  • यह भर्ती प्रक्रिया तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित है

  • समय पर साक्षात्कार और नियुक्ति पत्र न मिलने से
    👉 हजारों उम्मीदवारों में निराशा और असमंजस की स्थिति है


📢 नई शिक्षक भर्तियों की भी मांग तेज

मुलाकात के दौरान अभ्यर्थियों ने केवल लंबित भर्तियों ही नहीं, बल्कि नई शिक्षक भर्तियों की भी जोरदार मांग रखी। प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं:

  • 🟢 TGT, PGT और असिस्टेंट प्रोफेसर संवर्ग के लिए
    👉 नए विज्ञापन जारी किए जाएं

  • 🟢 TGT-PGT 2022 परीक्षा की तिथि
    👉 शीघ्र घोषित की जाए

  • 🟢 भर्ती प्रक्रिया को
    👉 पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए

अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से नई भर्तियां न निकलने के कारण
👉 नए अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिल पा रहा है।


🧠 अभ्यर्थियों की चिंता क्यों वाजिब है?

  • कई भर्तियां 3–4 साल से लंबित

  • उम्र सीमा पार होने का खतरा

  • करियर प्लानिंग प्रभावित

  • मानसिक और आर्थिक दबाव

इसी वजह से प्रतियोगी लगातार आयोग से स्पष्ट टाइमलाइन की मांग कर रहे हैं।


🔎 निष्कर्ष

प्रयागराज में हुई यह मुलाकात साफ संकेत देती है कि:

  • शिक्षक भर्तियों में देरी अब बड़ा मुद्दा बन चुकी है

  • असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 51, TGT-PGT और अन्य संवर्गों को लेकर
    👉 अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब देने लगा है

अब सभी की नजरें उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पर टिकी हैं कि:

क्या आयोग लंबित भर्तियों को जल्द पूरा कर
नई शिक्षक नियुक्तियों का रास्ता साफ करेगा?

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