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विधान परिषद चुनाव: मतदाता पहचान पत्र न दिखाने पर पेश करना होगा कोई और आइ कार्ड

 लखनऊ : विधान परिषद के पांच खंड स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए पहली दिसंबर को होने वाले चुनाव में ऐसे मतदाताओं को, जिन्हें फोटो पहचान पत्र जारी किये गए हैं, अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए वोट देने से पूर्व अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि वे अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र नहीं प्रस्तुत कर पाते हैं तो उन्हें कोई और पहचान पत्र दिखाना होगा।



मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि यदि मतदाता अपना निर्वाचन फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, तो वे आधार कार्ड, ड्राइ¨वग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, राज्य/केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय या अन्य निजी औद्योगिक घरानों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए सेवा पहचान-पत्र, सांसदों/विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए अधिकारिक पहचान पत्र, शैक्षिक संस्थाओं, जिनमें संबंधित शिक्षक/स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का निर्वाचक नियोजित हों, की ओर से जारी सेवा पहचान-पत्र, विश्वविद्यालय द्वारा जारी उपाधि/डिप्लोमा का प्रमाण पत्र और सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी दिव्यांगता संबंधी प्रमाण-पत्र, मूलरूप में अनुमन्य होगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में होने वाले हैं। राज्य के सभी कर्मचारी जो स्नातक हैं और जो स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के बोनाफाइड मतदाता हैं, को मताधिकार के प्रयोग के लिए एक दिसंबर को मतदान दिवस पर विशेष आकस्मिक अवकाश अनुमन्य किए जाने की स्वीकृति दी गई है। यह आदेश राज्य के समस्त विभागों/ विभागाध्यक्षों/स्थानीय निकायों तथा अर्धशासकीय विभागों पर लागू होंगे।

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